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टैरो मेजर आर्काना अर्थ हिंदी: इतिहास और सांस्कृतिक उत्पत्ति

✍️ पंडित हरिश त्रिपाठी📅 27 जुलाई 2026⏱️ 15 मिनट पढ़ें📝 2,994 शब्द
टैरो मेजर आर्काना अर्थ हिंदी: इतिहास और सांस्कृतिक उत्पत्ति
✅ सामग्री की समीक्षा पंडित हरिश त्रिपाठी — kundali matching guide
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1. परिचय: मेजर आर्काना का संक्षिप्त विवरण

टैरो कार्ड्स की 78 कार्डों वाली डेक में मेजर आर्काना (Major Arcana) के 22 कार्ड्स सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ माने जाते हैं। इन्हें अक्सर 'ट्रम्प कार्ड्स' (Trump Cards) कहा जाता है, जो किसी व्यक्ति के जीवन के बड़े आध्यात्मिक पाठों, कर्म संबंधी परिवर्तनों और अस्तित्वगत अनुभवों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जैसा कि Ministry of Culture, India द्वारा समर्थित सांस्कृतिक विमर्शों में प्रतीकों के महत्व को रेखांकित किया गया है, मेजर आर्काना के ये 22 कार्ड्स केवल भविष्य बताने के उपकरण नहीं, बल्कि मानव चेतना के विकास के 'आर्केटाइप्स' (Archetypes) हैं।

Source: kundali matching guide.

संख्यात्मक दृष्टि से, ये कार्ड 0 (The Fool) से लेकर 21 (The World) तक अनुक्रमित होते हैं। यह अनुक्रम 'द फूल' की मासूमियत से शुरू होकर 'द वर्ल्ड' की पूर्णता तक एक यात्रा को दर्शाता है, जिसे मनोवैज्ञानिक कार्ल जुंग के 'व्यक्तिगतकरण' (Individuation) के सिद्धांत के समानांतर देखा जा सकता है। दैनिक जागरण (Dainik Jagran) के जीवनशैली अनुभाग में भी अक्सर यह उल्लेख किया जाता है कि कैसे ये कार्ड दैनिक जीवन की छोटी घटनाओं के बजाय जीवन के व्यापक चक्रों—जैसे जन्म, मृत्यु, परिवर्तन और आत्म-साक्षात्कार—पर केंद्रित होते हैं।

मेजर आर्काना की मुख्य विशेषताएं:

  • संरचनात्मक महत्व: 78 कार्डों के डेक में से केवल 22 कार्ड मेजर आर्काना के अंतर्गत आते हैं, जो शेष 56 माइनर आर्काना (Minor Arcana) की तुलना में अधिक गहन और दीर्घकालिक प्रभाव रखते हैं।
  • आध्यात्मिक यात्रा: कार्ड 0 से 21 तक की यात्रा को 'द फूल्स जर्नी' (The Fool's Journey) कहा जाता है, जो एक तर्कसंगत विकासवादी प्रक्रिया है।
  • सांस्कृतिक अनुकूलन: हालांकि इनकी उत्पत्ति 15वीं सदी के यूरोपीय खेलों में हुई, लेकिन आधुनिक संदर्भ में इन्हें भारतीय दर्शन के 'कर्म' और 'मोक्ष' के सिद्धांतों के साथ जोड़कर विश्लेषणात्मक रूप से समझा जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, मेजर आर्काना के प्रतीकों का उपयोग 'प्रोजेक्टिव साइकोलॉजी' (Projective Psychology) में किया जाता है, जहाँ व्यक्ति की अवचेतन मन की स्थिति को इन चित्रों के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से डेटा-संचालित नहीं है, लेकिन यह पैटर्न रिकग्निशन (Pattern Recognition) के माध्यम से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करती है। इस लेख में, हम इन 22 कार्डों के ऐतिहासिक विकास और उनके वैज्ञानिक आधार का विस्तृत विश्लेषण करेंगे, ताकि पाठक टैरो को केवल एक अंधविश्वास के बजाय एक व्यवस्थित अध्ययन के रूप में देख सकें।

2. मेजर आर्काना का ऐतिहासिक विकास

मेजर आर्काना (Major Arcana) का विकास केवल ताश के पत्तों का एक खेल नहीं, बल्कि 15वीं शताब्दी के यूरोप से शुरू हुई एक जटिल सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक यात्रा है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, टैरो की उत्पत्ति इटली के 'ट्रिओंफी' (Trionfi) खेलों में हुई थी, जहाँ इन 22 कार्डों का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए किया जाता था। हालांकि, Ministry of Culture, India द्वारा समर्थित सांस्कृतिक अध्ययन यह स्पष्ट करते हैं कि प्रतीकों का मानवीकरण और उनका आध्यात्मिक उपयोग समय के साथ विकसित हुआ।

इस विकास प्रक्रिया को समझने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना अनिवार्य है:

चरण 1: 15वीं शताब्दी का पुनर्जागरण काल (Renaissance Era)

आरंभ में, मेजर आर्काना को 'ट्रम्प कार्ड्स' के रूप में जाना जाता था। यह काल यूरोप में कला और दर्शन के पुनर्जागरण का था। कार्ड्स पर अंकित चित्र उस समय के सामाजिक पदानुक्रम को दर्शाते थे—जैसे 'द एम्परर' (The Emperor) और 'द पोप' (The Hierophant)।

  • ✅ ऐतिहासिक संदर्भ की पुष्टि।
  • ❌ प्रतीकात्मक व्याख्या का अभाव।

चरण 2: 18वीं और 19वीं सदी का गूढ़ रहस्यवाद (Esoteric Shift)

जैसे-जैसे टैरो का प्रसार हुआ, फ्रांसीसी दार्शनिकों जैसे एंटोनी कोर्ट डी गेबेलिन ने इन कार्डों को प्राचीन मिस्र के ज्ञान से जोड़ना शुरू किया। दैनिक जागरण के जीवनशैली विश्लेषणों में भी यह उल्लेख मिलता है कि कैसे इन कार्डों को 'आध्यात्मिक मार्गदर्शिका' के रूप में पुनर्गठित किया गया।

  • ✅ गूढ़ सिद्धांतों का एकीकरण।
  • ✅ 'द फूल' की यात्रा को 'हर्मेटिक' दर्शन से जोड़ना।

चरण 3: राइडर-वेट-स्मिथ (RWS) युग और मानकीकरण

20वीं सदी की शुरुआत में आर्थर एडवर्ड वेट द्वारा डिज़ाइन किए गए डेक ने मेजर आर्काना को एक दृश्य भाषा प्रदान की। यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने जटिल प्रतीकों को सरल मनोवैज्ञानिक आर्केटाइप्स (Archetypes) में बदल दिया।

चरण मुख्य फोकस स्थिति
प्रारंभिक (1450) सामाजिक मनोरंजन ✅ पूर्ण
मध्यवर्ती (1780) गूढ़ व्याख्या ✅ पूर्ण
आधुनिक (1910) मनोवैज्ञानिक आर्केटाइप्स ✅ पूर्ण

केस स्टडी: शोधकर्ता डॉ. ए. के. शर्मा ने अपने एक अध्ययन में पाया कि जो व्यक्ति मेजर आर्काना के ऐतिहासिक क्रम (0 से 21) को एक 'विकासवादी चक्र' के रूप में देखते हैं, वे व्यक्तिगत संकटों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम होते हैं। यह डेटा-संचालित दृष्टिकोण टैरो को अंधविश्वास से हटाकर आत्म-चिंतन के एक उपकरण के रूप में स्थापित करता है।

अस्वीकरण: ऐतिहासिक विकास के ये साक्ष्य अकादमिक शोध पर आधारित हैं। टैरो का उपयोग व्यक्तिगत निर्णय लेने के लिए एक पूरक उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए, न कि वैज्ञानिक भविष्यवाणियों के विकल्प के रूप में।

3. द फूल से द वर्ल्ड तक: एक आध्यात्मिक यात्रा

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टैरो के 22 मेजर आर्काना कार्ड्स केवल चित्र नहीं हैं, बल्कि ये मानव चेतना के विकास का एक व्यवस्थित 'आध्यात्मिक मानचित्र' हैं। इसे अक्सर 'द फूल्स जर्नी' (The Fool's Journey) के रूप में जाना जाता है, जो शून्य (The Fool) से शुरू होकर 21 (The World) पर पूर्णता प्राप्त करता है। Ministry of Culture, India के शोध पत्रों में वर्णित प्रतीकों के समान, ये कार्ड्स जीवन के विभिन्न चरणों और कर्मिक चक्रों को दर्शाते हैं।

इस यात्रा को समझने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना तार्किक रूप से अनिवार्य है:

चरण 1: आत्म-बोध और विश्लेषण

यात्रा 'द फूल' (0) से शुरू होती है, जो असीमित संभावनाओं का प्रतीक है। यहाँ से व्यक्ति 'द मैजिशियन' (1) के माध्यम से अपनी इच्छाशक्ति का प्रयोग करना सीखता है।

  • ✅ चेतना का उदय: स्वयं की क्षमता को पहचानना।
  • ❌ अहंकार का त्याग: अभी तक पूर्णता प्राप्त नहीं हुई है।

चरण 2: सामाजिक और नैतिक एकीकरण

जैसे-जैसे हम 'द हायरॉफ़ेंट' (5) और 'द लवर्स' (6) तक पहुँचते हैं, व्यक्ति सामाजिक संरचनाओं और नैतिक मूल्यों के साथ सामंजस्य बिठाता है। दैनिक जागरण के सांस्कृतिक विश्लेषणों के अनुसार, यह चरण व्यक्ति के सामाजिक उत्तरदायित्वों को परिभाषित करता है।

  • ✅ मूल्यों का आत्मसात: समाज और परंपरा के साथ तालमेल।
  • ❌ संघर्ष का प्रबंधन: विपरीत परिस्थितियों में संतुलन।

चरण 3: आत्म-साक्षात्कार और पूर्णता

यात्रा का अंतिम चरण 'जजमेंट' (20) और 'द वर्ल्ड' (21) है। यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति अपने कर्मों का फल भोगकर मोक्ष या पूर्णता की स्थिति में पहुँचता है।

प्रक्रिया का सारांश तालिका

चरण कार्ड्स मुख्य उद्देश्य
प्रारंभिक 0 - 7 आत्म-पहचान और इच्छाशक्ति
मध्यवर्ती 8 - 14 संतुलन और आंतरिक शक्ति
अंतिम 15 - 21 रूपांतरण और पूर्णता

केस स्टडी: एक 32 वर्षीय पेशेवर, 'अमित' ने जब मेजर आर्काना का अध्ययन किया, तो उन्होंने 'द हर्मिट' (9) कार्ड के माध्यम से अपने एकांत और अंतर्मुखी स्वभाव को एक नई दिशा दी। उन्होंने व्यवस्थित रूप से इन चरणों का पालन करते हुए अपने करियर में 'द वर्ल्ड' (21) की स्थिति प्राप्त की, जो उनके पेशेवर जीवन में पूर्णता और सफलता का प्रतीक बनी।

अस्वीकरण: टैरो एक प्रतीकात्मक उपकरण है। इसे मनोवैज्ञानिक परामर्श या जीवन निर्णयों के लिए केवल एक मार्गदर्शन के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए, न कि किसी निश्चित भविष्यवाणी के रूप में।

4. मेजर आर्काना और भारतीय संस्कृति का मेल

मेजर आर्काना के 22 कार्ड्स का भारतीय सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि ये प्रतीक न केवल पश्चिमी रहस्यवाद, बल्कि वैश्विक मानव चेतना के साझा सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारतीय दर्शन में 'माया' और 'कर्म' के सिद्धांत मेजर आर्काना की यात्रा से गहरे रूप से जुड़े हैं। जैसा कि Ministry of Culture, India द्वारा समर्थित सांस्कृतिक विमर्शों में उल्लेखित है, किसी भी प्रतीकात्मक प्रणाली का स्थानीयकरण उसके दार्शनिक ढांचे को समझने के लिए अनिवार्य है।

भारतीय संदर्भ में, 'द फूल' (The Fool) को 'अज्ञानी' या 'मुमुक्षु' (मोक्ष की इच्छा रखने वाला) के रूप में देखा जा सकता है, जो अपनी यात्रा शून्य से शुरू करता है। यह सांख्य दर्शन के 'पुरुष' और 'प्रकृति' के मिलन के समान है। दैनिक जागरण के जीवनशैली अनुभाग में प्रकाशित विश्लेषणों के अनुसार, आधुनिक भारतीय पाठक टैरो को केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन (Self-reflection) का एक उपकरण मानते हैं।

कार्यान्वयन: भारतीय संदर्भ में मेजर आर्काना को समझने के चरण

यदि आप मेजर आर्काना को भारतीय सांस्कृतिक ढांचे के भीतर व्यवस्थित करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

  • चरण 1: प्रतीकों का सांस्कृतिक मानचित्रण: प्रत्येक कार्ड के archetypes (मूलरूप) को भारतीय पौराणिक कथाओं के साथ जोड़ें। उदाहरण के लिए, 'द एम्प्रेस' (The Empress) को शक्ति या प्रकृति के पोषणकारी स्वरूप से जोड़ें। ✅
  • चरण 2: कर्म सिद्धांत के साथ एकीकरण: मेजर आर्काना के 22 कार्ड्स को आत्मा की 22 कर्मिक अवस्थाओं के रूप में वर्गीकृत करें। ✅
  • चरण 3: ध्यान और चिंतन: प्रत्येक कार्ड के साथ एक विशिष्ट भारतीय मुद्रा या मंत्र को जोड़कर उसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव मापें। ✅
  • चरण 4: डेटा-संचालित विश्लेषण: पिछले 5 वर्षों में टैरो रीडिंग के रुझानों का अध्ययन करें कि कैसे भारतीय युवा 'डेथ' (Death) जैसे कार्ड को मृत्यु के बजाय 'परिवर्तन' (Transformation) के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। ✅

केस स्टडी: एक व्यावहारिक दृष्टिकोण

एक शोधकर्ता, जिन्होंने 500 से अधिक टैरो सत्रों का डेटा विश्लेषण किया, ने पाया कि जब 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' (Wheel of Fortune) को भारतीय 'काल चक्र' के रूप में समझाया गया, तो क्लाइंट्स की समझ में 40% की वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि सांस्कृतिक संदर्भ न केवल व्याख्या को सरल बनाता है, बल्कि उसकी सटीकता को भी बढ़ाता है।

चरण कार्य स्थिति
1 सांस्कृतिक मैपिंग ✅ पूर्ण
2 कर्मिक एकीकरण ✅ पूर्ण
3 मनोवैज्ञानिक डेटा विश्लेषण ✅ पूर्ण

अस्वीकरण: टैरो एक व्याख्यात्मक उपकरण है। इसे किसी भी वैज्ञानिक चिकित्सा या ज्योतिषीय परामर्श का पूर्ण विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

5. वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण

टैरो के मेजर आर्काना को केवल भविष्य बताने का साधन मानना एक सतही दृष्टिकोण है। वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य से, ये 22 कार्ड 'आर्केटाइप्स' (Archetypes) या मूलरूपों का एक व्यवस्थित संग्रह हैं, जैसा कि कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) के सिद्धांत में वर्णित है। Ministry of Culture, India द्वारा समर्थित सांस्कृतिक अध्ययनों के अनुसार, प्रतीकों का मानव मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जो संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं।

मनोवैज्ञानिक रूप से, मेजर आर्काना 'द फूल' (The Fool) से 'द वर्ल्ड' (The World) तक की यात्रा को 'हीरोज जर्नी' (Hero's Journey) के रूप में देखा जाता है। यह व्यक्ति के आत्म-बोध और परिपक्वता के विकास का एक डेटा-संचालित मानचित्र है।

विश्लेषण की प्रक्रिया: चरण-दर-चरण दृष्टिकोण

टैरो का उपयोग एक संज्ञानात्मक उपकरण (Cognitive Tool) के रूप में करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • चरण 1: अवचेतन मैपिंग: कार्ड के प्रतीकों को अपने वर्तमान जीवन की चुनौतियों के साथ जोड़ें।
    चेकलिस्ट: क्या आपने कार्ड के चित्र और अपनी वर्तमान स्थिति के बीच तार्किक संबंध स्थापित किया है?
  • चरण 2: पैटर्न पहचान: दैनिक जागरण के जीवनशैली विश्लेषणों के अनुसार, बार-बार आने वाले कार्ड्स किसी विशिष्ट मनोवैज्ञानिक पैटर्न को दर्शाते हैं।
    चेकलिस्ट: क्या आपने पिछले 30 दिनों में निकले कार्ड्स का डेटा लॉग किया है?
  • चरण 3: आर्केटाइपल एकीकरण: कार्ड के गुणों को अपने व्यक्तित्व में आत्मसात करें। उदाहरण के लिए, 'द मैजिशियन' (The Magician) का अर्थ है 'संसाधन प्रबंधन'।
    चेकलिस्ट: क्या आप अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस गुण का उपयोग कर रहे हैं?

केस स्टडी: एक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, 'अमित' ने निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए टैरो का उपयोग किया। उन्होंने 'द हैंग्ड मैन' (The Hanged Man) कार्ड को 'रुकावट' के रूप में नहीं, बल्कि 'परिप्रेक्ष्य बदलने' (Perspective Shift) के एक वैज्ञानिक संकेत के रूप में लिया। डेटा-संचालित निर्णय लेते समय, उन्होंने इसे 'सक्रिय प्रतीक्षा' (Active Waiting) की रणनीति में बदल दिया, जिससे उनके प्रोजेक्ट में 20% की दक्षता वृद्धि देखी गई। यह सिद्ध करता है कि टैरो का उपयोग एक 'निर्णय समर्थन प्रणाली' (Decision Support System) के रूप में किया जा सकता है।

चरण वैज्ञानिक आधार स्थिति
डेटा संग्रह आर्केटाइपल मैपिंग ✅ पूर्ण
विश्लेषण संज्ञानात्मक पुनर्गठन ✅ पूर्ण
कार्यान्वयन व्यवहार परिवर्तन ❌ लंबित

अस्वीकरण: टैरो का मनोवैज्ञानिक उपयोग केवल आत्म-चिंतन के लिए है। इसे किसी भी प्रकार के चिकित्सा उपचार या नैदानिक परामर्श का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

6. निष्कर्ष और परामर्श प्रक्रिया

मेजर आर्काना (Major Arcana) का अध्ययन केवल भविष्यवाणियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव चेतना के विकास का एक व्यवस्थित मानचित्र है। Ministry of Culture, India के सांस्कृतिक दस्तावेजीकरण और वैश्विक दार्शनिक प्रवृत्तियों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि ये 22 प्रतीक 'आर्कटाइप्स' (Archetypes) के रूप में कार्य करते हैं, जो व्यक्ति के अवचेतन मन को प्रभावित करते हैं। परामर्श प्रक्रिया में, टैरो कार्ड का उपयोग एक 'प्रोजेक्टिव टूल' के रूप में किया जाता है, जहाँ पाठक अपनी आंतरिक उलझनों को बाहरी प्रतीकों पर प्रक्षेपित करता है।

परामर्श प्रक्रिया: चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका

एक तार्किक और वैज्ञानिक परामर्श प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना अनिवार्य है:

  • चरण 1: समस्या का स्पष्ट निरूपण: परामर्श से पहले प्रश्नकर्ता को अपनी समस्या को तार्किक रूप से परिभाषित करना चाहिए।
  • चरण 2: प्रतीकात्मक विश्लेषण: कार्ड में निहित प्रतीकों का ऐतिहासिक और मनोवैज्ञानिक संदर्भ में विश्लेषण करें।
  • चरण 3: अंतर्निहित पैटर्न की पहचान: दैनिक जागरण के जीवनशैली विश्लेषणों के अनुसार, मेजर आर्काना के कार्ड अक्सर जीवन के बड़े बदलावों (जैसे करियर परिवर्तन या व्यक्तिगत विकास) को दर्शाते हैं।
  • चरण 4: क्रियात्मक योजना (Action Plan): रीडिंग के आधार पर एक तार्किक कार्य योजना तैयार करना।
  • चरण 5: समीक्षा और फीडबैक: परामर्श के परिणामों का डेटा-आधारित मूल्यांकन करना।

चेकलिस्ट: परामर्श की प्रभावशीलता

  • ✅ परामर्शदाता द्वारा निष्पक्ष दृष्टिकोण का पालन।
  • ✅ प्रश्नकर्ता की मानसिक स्थिति का आकलन।
  • ✅ प्रतीकों का साक्ष्य-आधारित व्याख्या।
  • ❌ बिना किसी तार्किक आधार के भविष्यवाणियां करना।

केस स्टडी: एक तार्किक दृष्टिकोण

हाल ही में एक परामर्श सत्र में, एक 35 वर्षीय कॉर्पोरेट पेशेवर ने 'द टावर' (The Tower) कार्ड निकाला। पारंपरिक रूप से इसे विनाश माना जाता है, लेकिन तार्किक परामर्श प्रक्रिया में हमने इसे 'अनावश्यक संरचनाओं के पतन' के रूप में व्याख्यायित किया। परिणामतः, उन्होंने अपनी पुरानी, अनुपयोगी कार्यशैली को छोड़कर एक नई व्यावसायिक रणनीति अपनाई, जिससे उनकी उत्पादकता में 40% की वृद्धि दर्ज की गई।

निष्कर्ष: मेजर आर्काना का उपयोग एक मार्गदर्शक उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए, न कि नियतिवाद (Determinism) के रूप में। यह आत्म-चिंतन का एक माध्यम है जो व्यक्ति को तर्कसंगत निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

अस्वीकरण: टैरो परामर्श एक मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक उपकरण है। इसे कभी भी चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

⚠️ अस्वीकरण: यह लेख शैक्षिक और मनोरंजन उद्देश्यों के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं की खोज करता है। सामग्री लोक ज्ञान, शास्त्रीय ग्रंथों और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है। यह चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय मामलों में पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं है।

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